शुक्रवार, 24 अक्तूबर 2014

Pride of Chhattisgarh village-छत्तीसगढ़ के गौरव ग्राम

पंचायत की मुस्कान ग्रामीण विकास पर केन्द्रित पत्रिका है और विकास गाथा इस पत्रिका का एक नियमित स्तंभ है। इस स्तंभ के अंतर्गत हम विकास की कहानी बतायेंगे जो चाहे देश के किसी भी कोने का हो, किसी भी ग्राम पंचायत का हो अथवा व्यक्ति विशेष का हो। हो सकता है विकास गाथा में अगला नंबर आपके ग्राम पंचायत का हो, आपका हो। विकास गाथा स्तंभ के लिए तुरंत फोन करें - 07489405373

छत्तीसगढ़ की महान विभूतियों और महापुरूषों की जन्मभूमि और कर्मभूमि तथा अपने ऐतिहासिक, पुरातात्विक और प्राकृतिक सौंदर्य के रूप में सुप्रसिद्ध ग्रामों के संपूर्ण विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा ‘ग्राम गौरव’ योजना संचालित की जा रही है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा आदर्श स्वरूप में इन ग्रामों के विकास के लिए वर्तमान में 73 गांव चिन्हांकित किए गए है। इन ग्रामों में शिक्षा, स्वास्थय, कृषि, बिजली, पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए शासन द्वारा 49 करोड़ 86 लाख रूपए की राशि से एक हजार 898 कार्य मंजूर किए गए है। इनमें से अब तक लगभग पांच सौ कार्य पूर्ण कर लिए गए है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा महान विभूतियों की जन्म स्थली वाले गांवों के विकास के लिए ‘छत्तीसगढ़ गौरव’ योजना और पर्यटन तथा पुरातात्विक महत्व के गांवों के विकास के लिए ‘हमारा छत्तीसगढ़’ योजना शुरू की गई थी। दोनों योजनाओं को वर्ष 2007-08 में एकीकृत कर ‘ग्राम गौरव’ योजना के नाम से इन ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ गौरव योजना के तहत महान विभूतियों की जन्म और कर्मस्थली गांवों के समग्र विकास के लिए 23 करोड़ 80 लाख रूपए की लागत से 852 कार्य स्वीकृत किए गए है। इनमें से 276 कार्य पूर्ण हो चुके है। निर्माण कार्यो पर 13 करोड़ 18 लाख रूपए खर्च किए जा चुके है। हमारा छत्तीसगढ़ योजना के तहत शामिल गांव में 26 करोड़ से अधिक राशि के एक हजार से अधिक कार्य मंजूर किए गए है। प्रत्येक गांव में पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाओं की दृष्टि से अनेक विकास के कार्य कराए जा रहे है। अब तक 222 निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके है। जिन पर 12 करोड़ 97 लाख रूपए खर्च किए गए है। योजना के तहत चयनित गांवों में दुर्ग जिले के विकासखण्ड बालोद का गांव लिमोरा सन् 1952 में स्वतंत्र भारत में दुर्ग जिले की प्रथम महिला विधायक बनने का गौरव प्राप्त करने वाली श्रीमती डारन बाई गोडि़न का गांव है। इस गांव में सन् 1930 में तीस महान सपूतों ने आजादी की लड़ाई में भाग लिया था। इसी जिले के विकासखण्ड नवागढ़ छत्तीसगढ़ के महान सपूत स्व. पंडित भागवत प्रसाद उपाध्याय की जन्म भूमि और कर्मभूमि है। दुर्ग जिले का बोड़ेगांव प्रसिद्ध स्वतंत्रता संग्राम सेनानी दाउ उदय प्रसाद उदय की जन्म भूमि है। विकासखण्ड गुण्डरदेही का गांव भरदाकला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय उम्मेद सिंह कलिहारी की कर्मभूमि है। विकासखण्ड डौण्डी लौहारा का गांव सोरर साहसिक एवं संपूर्ण कलाओं में निपुण डड़सेना (कलार) समाज की अधिष्ठात्री देवी बहादुर कलारिन का जन्म स्थान है। गुण्डरदेही विकासखण्ड का गांव पिरीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वग्रीय दाउ ढाल सिंह दिल्लीवार की जन्म भूमि है। बालोद विकासखण्ड का गांव निपानी स्वतंत्रता सग्राम सेनानी और पूर्व सांसद स्व. चंदूलाल चन्द्राकर की जन्म स्थली है।

जांजगीर चांपा जिले में विकासखण्ड जैजैपुर का गांव ठठारी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ठाकुर बुद्धेश्वर सिंह की जन्म स्थली है, बलौदा विकासखण्ड का गांव पोंच स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लक्ष्मीनारायण अग्रवाल की जन्म स्थली है। विकासखण्ड नवागढ़ का गांव अवरीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. पंडित योगनिधि शास्त्री की जन्म स्थली है, इसी विकासखण्ड का गांव सेमरा स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. ठाकुर राजेश्वर सिंह एवं स्वर्गीय ठाकुर कपिलेश्वर सिंह और ग्राम गौद छत्तीसगढ़ के प्रथम रहस कलाकार स्व. ठाकुर दादू सिंह की जन्म स्थली है। विकासखण्ड अकलतरा का गांव खटौला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. ठाकुर छेदीलाल बैरीस्टर की जन्म स्थली है। इसी विकासखण्ड का गांव पौना छत्तीसगढ़ के प्रथम कवि स्व. कपिलनाथ कश्यप एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. महेश चतुर्वेदी की जन्म स्थली है। विकासखण्ड बम्हनीडीह का गांव अफरीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. वेदान्त केशरी की जन्मस्थली है। विकासखण्ड डभरा का गांव बालपुर प्रसिद्ध साहित्यकार स्व. मुकुटधर पाण्डेय की जन्मस्थली है। विकासखण्ड पामगढ़ का गांव नंदेली स्व. पंडित पचकौड़ प्रसाद पाण्डेय की जन्म स्थली है। रायपुर जिले में विकासखण्ड धरसींवा का गांव पथरी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डा. खूबचंद बघेल और भाटापारा विकासखण्ड का गांव तरेंगा दाउ कल्याण सिंह की जन्मभूमि है।

सरगुजा जिले में विकासखण्ड प्रतापपुर का गांव गोविन्दपुर माता राजमोहनी देवी की कर्मस्थली और ओड़गी विकासखण्ड का गांव कुदरगढ़ राजा बालंद की कर्मस्थली है। उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले में विकासखण्ड दुर्गुकोन्दल का गांव सुरूगदोह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी इन्दरू केंवट की जन्म स्थली है। छत्तीसगढ़ गौरव योजना में दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के ग्राम कुटरू, रायपुर जिले के विकासखण्ड धरसींवा के पथरी और बरबंदा, विकासखण्ड तिल्दा के मुर्रा, विकासखण्ड आरंग के चंद्रखुरी, विकासखण्ड भाटापारा के तरेंगा, राजनांदगांव जिले में विकासखण्ड राजनांदगांव के भर्रेगांव, विकासखण्ड डोंगरगढ़ के पारागांव खुर्द और सेम्हरा दैहान, धमतरी जिले के विकासखण्ड धमतरी के कन्डेल और नवागांव (कन्डेल), विकासखण्ड मगरलोड के मेघा और चन्द्रसुर शामिल है। महासमुंद जिले में विकासखण्ड बागबाहरा के ग्राम तमोरा, विकासखण्ड महासमुंद के भोरिंग, विकासखण्ड पिथौरा के बुन्देली, कबीरधाम जिले के विकासखण्ड कवर्धा के चचेड़ी और झिरौना, दुर्ग जिले में विकासखण्ड बालाद के निपानी और लिमोरा, विकासखण्ड गुण्डरदेही के पीरीद और भरदाकला, विकासखण्ड दुर्ग के बोड़ेगांव, विकासखण्ड नवागढ़ के तेन्दुआ, विकासखण्ड डौण्डी लोहारा के कोटेरा और बघमार तथा विकासखण्ड गुरूर के सोरर को शामिल किया गया है। बस्तर जिले के विकासखण्ड जगदलपुर के गांव नेतानार, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के विकासखण्ड दुर्गुकोंदल के सुरूमदोह, बिलासपुर जिले के विकासखण्ड मुंगेली के पंडरभट्टा और लिम्हा भी इस योजना में शामिल किए गए है। जशपुर जिले में विकासखण्ड जशपुर के आरा, फांसी अम्बा, विकासखण्ड मनोरा के सोगड़ा, विकासखण्ड कुनकुरी के केराडीह, विकासखण्ड फरसाबहार के कोतेबीरा, विकासखण्ड कांसाबेल के तिलंगा, विकासखण्ड बगीचा के हर्राडीपा, गायबुड़ा और विकासखण्ड पत्थलगांव के तमता भी शामिल किए गए है। सरगुजा जिले के विकासखण्ड प्रतापपुर के गोविंदपुर और विकासखंड ओड़गी के कुदरगढ़, रायगढ़ जिले में विकासखण्ड लैलूंगा के गहिरा, विकासखण्ड रायगढ़ के महापल्ली, विकासखण्ड बरमकेला के बड़ेनवापारा, विकासखण्ड पुसौर के केनसरा और पड़ीगांव, कोरबा जिले के विकासखण्ड कोरबा के कुदुरमाल, जांजगीर चांपा जिले के विकासखण्ड अकलतरा के पौना, खटौला और अफरीद, विकासखण्ड नवागढ़ के सेमरा, गौर, उदयभाठा, अवरीद और चोरभट्टी, विकासखण्ड पामगढ़ के नंदेली, विकासखण्ड डभरा के बालपुर, विकासखण्ड जैजैपुर के ठठारी और विकासखण्ड बलौदा के पोंच भी इस योजना में शामिल है।

‘हमारा छत्तीसगढ़’ योजना राज्य सरकार के पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग द्वारा चलायी जा रही है। इस योजना के तहत पर्यटन महत्व के स्थलों को शामिल किया गया है। योजना के तहत शामिल गांवों में दुर्ग जिले के विकासखण्ड दुर्ग के ग्राम बासिन (लिमाही) में देवी का प्रसिद्ध मंदिर है जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में दर्शनार्थी आते है। यहां क्वांर और चैत्र नवरात्रि में मेला लगता है। इसी विकासखण्ड के ग्राम कोडि़या में विशाल स्वयं भू शिवलिंग और मंदिर है। दुर्ग जिले के ही विकासखण्ड धमधा के ग्राम अरसी में प्राचीन स्वयंभू शिवलिंग है यहां महाशिवरात्रि में मेला लगता है। यहां पर एक अद्भुत तालाब भी है। मान्यता है कि इसके जल के छिड़काव से फसल रोगमुक्त हो जाती है। इसी विकासखण्ड का ग्राम पथरिया शिवनाथ नदी के तट पर बसा है। ग्राम में प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ बगदाई मंदिर है, जहां क्वांर और चैत्र नवरात्रि में ज्योति कलश स्थापित किए जाते है। ग्राम तितुरघाट में विशाल चतुर्भुजी मंदिर है। ग्राम तरकोनी में मां कारोकन्या मंदिर और भारत के सबसे उंचे शिवलिंग होने का दावा किया जाता है। ग्राम रौता में विशाल शिवलिंग है जहां मेला लगता है। जिला कबीरधाम के विकासखण्ड बोड़ला के ग्राम बहेराखार का जलाशय पर्यटन स्थल है। इसे पर्यटन माडल के रूप में विकसित करने के लिए यहां भवन, मंदिर और उद्यान का निर्माण तथा विद्युतीकरण, डामरीकरण और सौंदर्यीकरण किया जाएगा। जिला जांजगीर चांपा के विकासखण्ड जैजैपुर का ग्राम कैथा बाबा बिरतिया की नगरी है। इस ऐतिहासिक स्थान पर प्रतिवर्ष सैकड़ो व्यक्तियों का इलाज होता है। इसी विकासखण्ड का ग्राम देवरघटा भी लोगों की आस्था का केन्द्र है। हमारा छत्तीसगढ़ के तहत प्राकृतिक सौन्दर्य और ऐतिहासिक तथा पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल के रूप में चयनित ग्राम तातापानी सरगुजा जिले मं स्थित है, यहां प्राकृतिक रूप से गरम पानी का स्त्रोत है। यहां विश्रामगृह निर्माण के समय टीले की खुदाई मंे मूर्तियां मिली थी। इसी जिले के विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम पवईफाल में मनोहारी जलप्रपात है। वनान नदी अपने उद्गम स्थल लहसुनपाट से सीतारामपुरपाट होते हुए बुद्धूडीह में पवईफाल के रूप में मनोरम जल प्रपात बनाती है। यह जल प्रपात 80 फीट उंचाई से गिरता है। विकासखण्ड वाड्रफनगर के ग्राम बसराजकुंवर में अलका के आश्रित ग्राम मानपुर में देवस्थल बसराजकुंवर लोगों की आस्था का केन्द्र है। विकासखण्ड रामानुजगंज का ग्राम पल्टनघाट पर्यटन स्थल है। यहां प्रतिवर्ष एक जनवरी से 14 जनवरी तक मेला लगता है। यह गांव रामानुजगंज से वाड्रफनगर सड़क मार्ग पर 4 किलोमीटर दूरी पर कन्हार नदी के पास स्थित है।

इस योजना के तहत चयनित गांवों में दक्षिण बस्तर (दंतेवाड़ा) जिले के विकासखण्ड दंतेवाड़ा के गांव पोदुम, विकासखण्ड कुआकोण्डा के फुलपाड, विकासखण्ड कटेकल्याण के बड़ेबेड़गा, विकासखण्ड भोपालपटनम के पोषणपल्ली, विकासखण्ड सुकमा के रामाराम, विकासखण्ड कोंटा के इंजरम और बीजापुर जिले का विकासखण्ड मुख्यालय ईटपाल शामिल है। रायपुर जिले के विकासखण्ड धरसींवा के गांव पथरी, आरंग के चन्द्रखुरी, गुरूद्वार और भण्डारपुरी को शामिल किया गया है। राजनांदगांव जिले के विकासखण्ड छुरिया के गांव साकरबहरा (दंवरी), धमतरी जिले के विकासखण्ड नगरी के सिहावा, मुकुन्दपुर और विकासखण्ड धमतरी के रूद्री को भी इस योजना में शामिल किया गया है।

महासमुंद जिले के विकासखण्ड बागबहरा के खल्लारी, बसना के गढ़फलझर, कबीरधाम जिले के विकासखण्ड सहसपुर लोहारा के सिंघनगढ़, जोगी गुफा, विकासखण्ड बोडला के खरहरा (महादेवघाट), चरणतीरथ, विकासखण्ड पंडरिया के बम्हनदेई (रचीपारा), कामथी, विकासखण्ड कवर्धा के आंधी (शिवघाट) का चयन भी इस योना के अंतर्गत किया गया है। दुर्ग जिले मंे विकासखण्ड गुरूर के सियादेही, विकासखण्ड गुण्डरदेही के चैरल, विकासखण्ड डौण्डी के बेलोदा, कोटागांव, महामाया, विकासखण्ड बेरला के वेटुवा, मौलीभाटा, नेवनारा चंडी, कारोकन्या और नदी किनारे बसे गांव कंडरका, इसी जिले के विकासखण्ड धमधा के अकोला, शिवकोकडी, सगनी, देउरकोना, विकासखण्ड दुर्ग के भरदा, विकासखण्ड पाटन के कौही, विकासखण्ड डोण्डी लोहरा के जामडी (पाटेश्वर), विकासखण्ड बालोद के रानीमैया (डौण्डी) और परेगुड़ा भोलापठार भी योजना में शामिल है। बस्तर जिले में विकासखण्ड फरसगांव के भोगापाल, विकासखण्ड बस्तर के नारायणपाल, विकासखण्ड केशकाल के गढ़धनोरा, उत्तर बस्तर (कांकेर) जिले के विकासखण्ड दुर्गुकोन्दुल के सोना देही और डांगरा, विकासखण्ड भानुप्रतापपुर के बांसला, कोरर, विकासखण्ड कोयलीबेड़ा के परतापुर, सितरम, विकासखण्ड अंतागढ़ के नागरबेड़ा का भी चयन किया गया है। योजना में बिलासपुर जिले के विकासखण्ड बिल्हा के ग्राम ताला, मोहभट्ठा, मटियारी, विकासखण्ड पेण्ड्रा के सोनगुडा, तखतपुर के बेलपान, विकासखण्ड पथरिया के मदकू, जशपुर जिले के विकासखण्ड जशपुर के बेलपहाड़, रानीदाह, विकासखण्ड मनोरा के नक्टीरानी (खम्हली), भरगढ़ा, विकासखण्ड दुलदुला के रामरेखाधाम (बंकुरकेला), शदराधाम, विकासखण्ड कुनकुरी के वेने, दमगड़ा, विकासखण्ड फरसगांव के कोतेबिरा, उपरकछार, विकासखण्ड कांसाबेल के हथगड़ा, कोड़लिया, विकासखण्ड बगीचा के खुडि़यारानी, सारूडीह, देनगरी, विकासखण्ड पत्थलगांव के बड़गांव वी और चटुराकन्हार को शामिल किया गया है। सरगुजा जिले के विकासखण्ड शंकरगढ़ के डीपाडीहकला, रायगढ़ जिले के विकासखण्ड बरमकेला के पुजारीपाली, विकासखण्ड तमनार के तराईमाल, विकासखण्ड लैलूंगा के कुर्रा, विकासखण्ड खरसिया के सिंघनपुर, कोरबा जिले के विकासखण्ड कोरबा के धनरास, विकासखण्ड पोड़ी उपरोड़ा का भातिन, विकासखण्ड पाली के नरसिंगगंगा और विकासखण्ड करतला के मड़वारानी गांव को भी योजना में शामिल किया गया है। जांजगीर चांपा जिले के विकासखण्ड नवागढ़ के पीथमपुर, केरा, बम्हनीडीह के लखुरी, सरहरगढ़, विकासखण्ड सक्ती के दमउदहरा, ऋषभतीर्थ, विकासखण्ड अकलतरा के नरियरा, कोटगढ़, विकासखण्ड बलौदा के मदनपुरगढ़, खिसोरा, विकासखण्ड पामगढ़ के कोनारगढ़, देवरघटा, विकासखण्ड जैजैपुर के हसौद, कोरिया जिले के विकासखण्ड मनेन्द्रगढ़ के विहारपुर और विकासखण्ड भरतपुर के गांव हरचैका भी इस योजना में शामिल है।

1 टिप्पणी:

  1. जैजैपुर ब्लाक का ग्राम पंचायत परसदा मे महानदी आस्था वेलफेयर फाऊडेशन दवारा मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का क्रिंंवायन किया जा रहा है.

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